#Muktak By Dr. Krishan Kumar Tiwari Neerav

मुक्तक

पांव में दुश्वारियों के मोच आनी चाहिए,

फलों वाली डालियों में लोच आनी चाहिए,

रोटी कपड़ा और घर हरहाल में सबको मिले—

आदमी के दिल में ऐसी सोच आनी चाहिए !

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कंटकों का जमघट है जिंदगी की राहों में,

दहशतों का जंगल है दूर तक निगाहों में,

किसके साथ क्या होगा कुछ कहा नहीं जाता —-

मेमनों का जीवन है शेर की पनाहों में !

—-डॉ. कृष्ण कुमार तिवारी नीरव

 

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