#Muktak by Dr. Krishan Kumar Tiwari Neerav

हमेशा सर झुकाने से कभी इज्जत नहीं मिलती,

किसी को भीख में नीरव यहां किस्मत नहीं मिलती,

मदद तुम क्या करोगे वास्तव में हम गरीबों की–

तुम्हें अपने ही घर परिवार से फुर्सत नहीं मिलती !

337 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.