#Muktak by Dr. Krishan Kumar Tiwari Neerav

जमाने से जिरह करते बहुत दिन हो गए अब तो,

तुम्हारी याद में लिखते बहुत दिन हो गए अब तो,

कभी तो दिल से आखिर गम हमारा पूँछ लो नीरव–

तुम अपने हो यही कहते बहुत दिन हो गए अब तो!

306 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.