#Muktak by Dr. Krishan Kumar Tiwari

पानी भी नहीं पाते हैं काम करने वाले,

अंगूर खा  रहे  हैं  आराम  करने वाले,

कुर्सी पे बैठे -बैठे दिनभर हवा बनाते—

मेहनतकशों को केवल बदनाम करने वाले।  डॉ. नीरव

 

काम बदलेगा दाम बदलेगा,

मुल्क का इंतजाम बदलेगा,

देख लेना तुम अपनी आंखों से

राजा बदला गुलाम बदलेगा।  डॉ.नीरव

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