#Muktak by Dr Prakhar Dixit

आदरणीय अटल जी को श्रद्धासुमन….

 

भारतस्य गौरवं,देशभक्ति विग्रहं,

विश्ववन्द्य मानवं सदाटलं नमाम्यहम्।

यस्य नास्ति कोsपि शत्रुःशत्रुभिश्च शंसितम्,

लोक नायकं कविं कोविदं नमाम्यहम्।।

ज्योती स्वरूप अग्निहोत्री, फर्रुखाबाद।

 

डॉ प्रखर दीक्षित: प्रणाम

भावानुवाद एक प्रयास

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देशभक्ति के पावन विग्रह भारत गौरव नमन तुम्हें ।

विश्व वंदनीय मानव मूरत सदा वत्सले नमन तुम्हें ।।

शत्रु मित्र से रहे प्रशंसित कौन नहीं यह सब जाने,

कवि कोविद जय लोकनायकं शत सत मेरा नमन तुम्हें ।।

 

मूल संस्कृत= ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री

अनूदित-= प्रखर दीक्षित

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