#Muktak by Dr. Raghvendra Mishra Pranay

मुक्तक

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सरहदों पे न छलनी कोई लाल हो।

 

ये गरीबी मिटे देश खुशहाल हो।

 

भाईचारा बढ़े सबको रोटी मिले

 

आप सबको मुबारक नया साल हो।

 

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रक्त की बूँद से न धरा लाल हो।

 

विश्व में उच्चतम देश का भाल हो।

 

शांति सहयोग से युक्त जीवन बने

 

ऐसी खुशियों भरा ये नया साल हो।

 

-डॉ०राघवेन्द्र मिश्र ‘प्रणय’

 

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