#Muktak by Jasveer Singh Haldhar

दोहा -हलधर

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1 –

कण कण में वो व्याप्त है, सबका वो आधार !

वही सनातन सत्य है ,कर लो सोच विचार !!

2-

बहु विषयों की चाह में ,शांति करो ना भंग !

प्राण पखेरू जब उड़ें ,कुछ ना जाये संग !!

3-

चित्त वृत्ति हैं राधिका ,गोकुल देह हमार !

रास बिहारी जब करें ,ज्ञानी बने गँवार !!

4-

सबके दाता राम हैं ,सबके त्राता राम !

राम नाम के जाप से ,बने देह सुख धाम !!

5-

परम पुरातन आत्मा  ,बनती देह नवीन !

देह गले माटी  बने , नदी सिंधु में लीन !!

हलधर -9897346173

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