#Muktak by Jasveer Singh Haldhar

हलधर के दोहे
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1-
कवि का जीवन साधना ,साधन इसका भाव ।
जीवन लीला बाद भी ,मिटता नही प्रभाव ।।

2
-जीवन में अवकाश का ,ना कोई प्रतिमान ।
जिस दिन छुट्टी प्राण ले , सेवा निवृत्ति जान ।।
3
निपट अकेलापन बुरा ,होता मनुज निराश ।
सुख दुख बांटो साथ में , रोग न आवे पास ।।
4
सांसों में जीवन छिपा ,स्वर नें मीठे छंद ।
कविता चंदन लेप है ,दूर करे दुर्गन्ध ।।
5
चिमटे से चमचा बड़ा ,कैसा जटिल सवाल ।
पहले मुँह में आग है ,दूजा सटके माल ।।

हलधर -9897346173

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