#Muktak by Jasveer Singh Haldhar

गांधी जयंती पर -कुंडलिया छंद
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गाँधी जी के देश में ,चोरों की भरमार ।
संविधान भी रो रहा ,झेल देह पर वार ।।
झेल देह पर वार ,सैंकड़ों घाव लगे हैं ।
स्वर्ण जाति को भूल ,शुद्र पर दाव लगे है ।।
कह “हलधर”कविराय,चली आरक्षण आंधी ।
देख राज में भेद ,घाट पर रोते गाँधी ।।

 

: मुक्तक -शास्त्री जी को समर्पित
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राजनीति का मान बढ़ाने आ जाओ अब लाल बहादुर ।
नैतिकता का पाठ पढ़ाने आ जाओ अब लाल बहादुर ।
भारत माता घिरी हुई है चोर उचक्के बेईमानों से,
हलधर”और जवान बचाने आ जाओ अब लाल बहादुर ।।
हलधर -9897346173

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