#Muktak By Jasveer Singh Haldhar

फाग राग -छन्न पकैया
————————–
1-छन्न पकैया हलधर भैया ,कविता बहुत सताये ।
लिखते लिखते मरे निराला ,सनकी ही कहलाये ।।
बोलो सा रा रा रा रा —-जोगिरा सा रा रा रा रा —

2-छन्न पकैया हलधर भैया ,फागुन मास चिड़ाये ।
बालम सरहद पर जा बैठे ,बिरहन खड़ी लखाये ।।
बोलो सा रा रा रा रा —जोगिरा सा रा रा रा रा —

3-छन्न पकैया हलधर भैया ,वक्त हो गया नंगा ।
आतंकी को साहब बोलें ,सब वोटों का पंगा ।।
बोलो सा रा रा रा रा –जोगिरा सा रा रा रा रा —

4-छन्न पकैया हलधर भैया ,मंचों पर क्या गाये ।
जुमलेबाजी देख देख के ,छंद खड़े सरमाये ।।
बोलो सा रा रा रा रा –जोगिरा सा रा रा रा रा –

5-छन्न पकैया हलधर भैया ,कविता कौन सुनाये ।
छंद काव्य की हत्या करना ,मुक्त छंद कहलाये ।।
बोलो सा रा रा रा रा –जोगिरा सा रा रा रा रा —

हलधर -9897346173

Leave a Reply

Your email address will not be published.