#Muktak by Jasveer Singh Haldhar

पक्षी

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1

कोयल  बैठी  डाल  पै, छेड़े  सुर  संगीत ।

मोर नृत्य करने लगा ,सुनकर उसके गीत ।।

2

भू की पैमाइश करे , आसमान से बाज ।

चिड़िया चूजे ले छुपी ,तके निशानेबाज़ ।।

3

पंचायत कौवा करें ,बैठ पेड़ की डाल ।

पानी पर चर्चा हुई ,सूख रहे सब ताल ।।

4

लड़ें न  झगड़ें  किसी से ,रहें प्यार  से मस्त ।

मानस देख कपोत को ,कितने अमन परस्त ।।

5

बदला मौसम आ गये , पंछी ले ले टोल ।

सात समंदर पार का ,पढ़ा कहाँ भूगोल ।।

6

दिखते  ऐक  कतार  में , भरते  हंस  उड़ान ।

पाया किस संस्थान से ,अनुसाशन का ज्ञान ।।

7

चील उड़े आकाश में ,मानो उड़े  विमान ।

धरती पर सब देखती , जैसे  टोही यान ।। – हलधर -9412050969

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