Muktak by Kavi D M Gupta

-एक मुक्तक——–

 

हे वीणावादिनी  माँ मुझको  ज्ञान  बुद्धि  से  भर  देना।

नित गाऊं  भारत  का  गौरव  ऐसा  मुझको  स्वर  देना।

छल दंभ द्वेष पाखंड झूठ अन्याय से निशदिन दूर  रहूँ,

दीनन हित सुंदर कृत्य करूं हे आदिशक्ति तुम वर देना।।

 

वसंत पंचमी सरस्वती पूजन की शुभकामना।।  BY-कवि डी एम् गुप्ता”प्रीत”

Leave a Reply

Your email address will not be published.