#Muktak By Kavi Dr. D M Gupta

मुक्तक========

मुझे गम के सागर ने  है  यूं सताया,

कि अपनों ने भी मुझसे पीछा छुड़ाया।

नही आती है मौत दुःख की घड़ी में,

जमाने ने मुझको है इतना रुलाया।।

BY- डी एम् गुप्ता “प्रीत”

 

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