#Muktak by Kavi Piyush Sharma

वर्त्तमान हालातों पर मुक्तक

 

देश द्रोह की ज्वालाओं पर  देश भक्ति अब भारी है।

पूरब पश्चिम उत्तर जीता अब दक्षिण की बारी है।।

लाल हरा नीला पीला है लुप्त सभी अब रंग यहाँ ।

दसों दिशाएँ बनी कसूमल भारत भगवाधारी है।।

 

कवि पीयूष शर्मा

 

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