#Muktak by Kunwar Shyamveer Singh Parmar

मुक्तक, राधा-श्याम

मोहब्बत में तेरी जो में कभी बदनाम हो जाऊं।

वफ़ा-ए-इश्क का में इक नया पैगाम हो जाऊं।

न चाहत है कोई मेरी,में बस चाहता ये हूँ,

तू मेरी राधिका बन जा मैं तेरा श्याम हो जाऊं।।

      

                   कुं.श्यामवीर सिंह परमारशौर्य‘ – 9983341963

 

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