#Muktak by Lal Bihari Lal (Lal Kala Manch)

पर्यावऱण

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आबादी के दंश से पर्यावरण खराब ।

आबादी को रोक के, धरा करेंगे साफ।1।

पेड़ों में ब्रम्हा ,विष्णु ,पेड़ो में श्रीराम।

वन बचाने खातिर अब,लाल करो कुछ काम।2।

जीव रहे तब तक जिंदा,जब तक इनमें जान।

लाल खातिर है पादप,जस मानों भगवान।3।

वन धरा से मत काटें ,इसे लगाना सीख ।

वरना सेहत ना रहे ,मांगे मिले न भीख।4।

नेता भाषण रोज दे, पार्क में सरेआम।।

उसके जाते हो गया ,सारा काम तमाम।5।

तुलसी में विष्णु निवास,पीपल में श्रीकृष्ण।

बरगद में ब्रम्हा मिले, मिले आम से सीख।6।

गंगा तड़से मोक्ष को, बदला गजब रिवाज।

मानव अब तो सुधर जा,वरना गिरेगी गाज।7।

दो कदम हम चलें औऱ दो कदम चले आप।

तब जाके प्रदूषण का,मिटे धरा से छाप। 8।

* सचिव-लाल कला मंच, नई दिल्ली

फोन-9868163073 या 7042663073

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