#Muktak by Mithilesh Rai Mahadev

फसाना जिंदगी का अजीब सा होता है!
हर ख्वाब आदमी का रकीब सा होता है!
बदली हुई निगाह से डर जाते हैं कदम,
मंजिलों का मिलना तरकीब सा होता है!

171 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.