#Muktak by Mithilesh Rai Mahadev

पूछ लो आकर कभी किस हाल में मैं हूँ?
शामों-सहर तुम्हारे ही ख्याल में मैं हूँ!
खोया सा रहता हूँ यादों की भीड़ में,
आज भी तेरे दर्द के जाल में मैं हूँ!

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