#Muktak by Mithilesh Rai Mahadev

तेरी आरजू में जमाना भूल गया हूँ!
तेरी याद में मुस्कुराना भूल गया हूँ!
रात गुजर जाती है मेरी मयखानों में,
तेरे प्यार में आशियाना भूल गया हूँ!

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आज की शाम तेरे नाम हो जाए!

#दर्द_जुदाई का नाकाम हो जाए!

हो जाए गुस्ताखी तेरी याद में,

आज फिर से लबों पर जाम हो जाए!

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