#Muktak by Mohit Jagetiya

तुम  दूर  भी जाओ  हम  तुम्हारे पास आएंगे ।

खुशियों  की झोली कभी तुम्हारे पास लाएंगे ।

जैसा भी  साथ मिला है आपका इस जिंदगी में ,

आपकी  ये दोस्ती हम कभी भूल नही पाएंगे ।

***

कभी गीत कभी गजल कभी छंद बनों ।

हल्की  हल्की  मुस्कान  से  मन्द  बनों ।

तुम जीवन ऐसा जिओ स्वाभिमान का,

कल  के  तुम  स्वामी  विवेकानंद बनों।

मोहित

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