#Muktak by Mukesh Madhuram

जीवन इसी का नाम कि आशा श्रद्धा विश्वास  सजे हर क्षण मन में

जीवन इसी का नाम कि कस्तूरी मन भटक रहा जग उपवन में

कसौटी है यही हम सबकी कि यह महाअवसर यूँ न  व्यर्थ चला जाये

जन्मपूर्व आत्मन् के बड़े संकल्पों का प्रण महासंकल्प  यूँ न व्यर्थ चला जाये

-मुकेश मधुरम्

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