#Muktak by Piyush Sharma

मुझे ना भूख शौहरत की,ना मंच पाने की चाहत है।
मुझे समरसता मिल जाए,मेरी कलम इबादत है।
भले यहाँ हिंदू-मुसलमान चाहें कोई रहते हो,
मेरी कलम की ताकत ही,मिलकर मेरा भारत है।

 

कवि पियूष शर्मा
नगर उपाध्यश ,बारां शहर

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