#Muktak by Pradeep Mani Tiwari

वंदेमातरम् – मुक्तक
शाम सुबहो घंटियाँ घनकार वंदेमातरम्।
चाइना से ज़ंग आरोपार वंदेमातरम्।

पाक को भी दो मिटा वो भूल जाये ज़ंग को
युद्ध का तांडव मचे टनकार वंदेमातरम्।

वंदेमातरम् – मुक्तक
हम चले हैं वक्ष अपना तान वंदेमातरम्।
मान है सम्मान है ये गान वंदेमातरम्।

भारती माँ की हिफ़ाज़त शान जाने दें नहीं
हम सभी का मान है अरमान वंदेमातरम्।

ध्रुवभोपाली
भोपाल,

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