#Muktak By Ramesh Raj

हिंदी-अंग्रेजी मिश्रित दोहे

क्यों करती तू प्रेम के, इन खातों को क्लोज
इट इज पोइम ऑफ लव, मेक नॉट इट प्रोज। 96

इसी अदा का मैं कभी, भूल न पाऊँ ओज
हर लॉफिग स्माइलिंग, इज लाइक ए रोज। 97

प्रेम-नाद में बन हिरन, चैन न मन का खोज
व्हेयर लवली रोज इज, देयर मच ऐरोज। 98

अब भी भाषा प्यार की, ऐ दिल वह समझे न
सो स्टोरी ऑफ लव, टैल अगेन-अगेन। 99

लिखे विहँस वह प्यार के, अक्षर ए टू जैड
हर आइज इज आलसो, पैन-राइटिंगपैड।

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