#Muktak by Reeta Jaihind Arora

दर्द

 

खुदगर्ज जमाने से नफरत हो गई

आते है नजदीक  हमदर्द बनकर

और छीनकर सुखचैन जीवनभर

सर दर्द कर जाते  हमदर्द बन कईं

**:

दर्द

 

हँसते चेहरे में छुपे दर्द को जो पढ़ लेते हैं  !

दुनिया में कम मिलते हैं जिन्हें हमदर्द कहते हैं  !!

रीता जयहिंद

 

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