#Muktak by Sandeep Saras

बेबाक

 

अनचाहे   अनुबन्ध  मुझे  स्वीकार  नहीं।

 

प्रियता पर प्रतिबन्ध  मुझे स्वीकार नहीं।।

 

जो     अपना    लगता   है   अपना लेता  हूँ,

 

शर्तों  पर  सम्बन्ध  मुझे  स्वीकार  नहीं।।

 

संदीप सरस,बिसवां

9450382515

30 Total Views 3 Views Today
Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *