#Muktak by Sandeep Saras

तुम   परेशान   हो ,  हम   परेशान   हैं।

तुम  भी  नादान  हो  हम भी नादान हैं।

 

जो भी आया  यहां  उसको जाना पड़ा,

तुम भी मेहमान हो ,हम भी मेहमान हैं।।  – संदीप सरस~9450382515

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