#Muktak by Sandeep Vashishtha

कलम वही होती है यारों जो दुनियाँ को दंग करे,

अपनी मर्यादा बिसराकर नहीं किसी को तंग करे।

देश-धर्म जब खतरे में हो उदासीन ना बैठी हो,

दुश्मन की छाती पर चढकर बस दुश्मन से जंग करे।।

 

संदीप वशिष्ठ

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