#Muktak by Saurabh Dubey Sahil

~  मुक्तक  ~

 

उन नजदीकियों से दूरियाँ ही बेहतर,

जिससे सम्बन्ध टूटने लगे,

उन शब्दों से ज्यादा मौन ही बेहतर ,

जिससे अपने रूठने लगे ।

 

~ सौरभ दुबे  ” साहिल “

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