#Muktak by Saurabh Dubey Sahil

मुक्तक ~

अपने यौवन पे आज इतना
ना ऐतरा ए सर्दी ,
यादकर बचपन में तूझे हराने की ,
हमने सारी हदें पार कर दी ।

~ सौरभ दुबे ” साहिल “

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