#Muktak by Vijay Narayan Agrwal

–:मुक्तक:–

 

नया वर्ष है नया हर्ष है, नयी है मंगल वेला,

प्रभुजी सबको जीवन देवें, हर पल नया नबेला ,

भाव विभोर हुये अन्तस में,”भ्रमर” सगुण धन ढूँढ रहा,

निशा बाद सुर्योदय करता, परिवर्तन का खेला ।।

 

आओ मिल परतीति जगायें, हर दिल में खुशियाली है,

शिष्टाचारी संग में बैठे,नये वर्ष की लाली है,

कुछ ऐसा महसूस हो रहा,”भ्रमर”आज की दुनिया में,

कनक सरीखा मानुष जीवन,मानवता से खाली है।।

 

“भ्रमर”+919453510399

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