#Muktak by Yogendra Raghuvanshi

तुम्हारे प्यार को बहिना कभी न भूल पाऊँगा।

किया रक्षा का जो वादा उसको मैं निभाऊंगा।

कलाई पर मेरी बहिना रेशम तुम सजा देना।

ख़ुशी दामन तुम्हारे में जग की मैं सजाऊँगा

 

योगेन्द्र रघुवंशी

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