#Njm ( नज्म ) by Sufi Jakir Nawazi

नज्म

इक सितारा हूँ मैं,
आओ तुम्हें नूर से भर दूं ।
फेंक दो तारीकीयों को खला में अगर ,
जिन्दगी रोशन तुम्हारी कर दूं।
जलना है फितरत मेरी,
अपनी आतिश कुल मुझे दे दो ,
कि मिल जाए रूह को करार,
दिल को सुकूं ।
तुम अपनी मंजिल का पता दे दो ,
मैं राह तुम्हारी रोशन कर दूं ।
इक सितारा हूँ मैं,
आओ तुम्हें नूर से भर दूं ।।

सूफी जाकिर नवाजी

तारीकीया – अंधेरे
खला – अंतरिक्ष
आतिश – आग

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