#Pratiyogita Kavita by Ashok Nagar

“विजय दशमी/आज का रावण”
……………………………………….
ड्रामा कम्पनी के मैनेजर ने जनता से कहा कि-रावण वध का बेमिसाल मंज़र लाईट आने के बाद दिखाया जाएगा।
तभी अभिनेता चीखा-लाईट बारह बजे तक नहीं आई तो रावण आज मारा ही नहीं जाएगा।…मुझे नींद की बीमारी है,तब तक नींद लग जाएगी,और नींद में खर्राटे भरूँगा तो पब्लिक भग जाएगी।
………मैनेजर बोला-ठीक है,तू सुरसा का रोल कर…. जागे तब चीखना…. सो जाए तो खर्राटे भर….
अभिनेता अट्टहास कर रहा था,अचानक हो गया मंच पर सन्नाटा, पर्दे के पीछे से मैनेजर ने डाटा-
तू चुप क्यों है?….चिल्ला,पब्लिक को डरा।
अभिनेता बोला-पर्दा गिरा।
तुझे तो चीख पुकार सुनने का नशा चढ़ा है,इधर मेरा मुँह खाली है,दाँतों का सेट नीचे पड़ा है।
मैनेजर बोला-तू उछलकूद करके ड्रामा क्यों बिगाड़ता है,दाँतों का सेट ही गिर पड़े, इतना मुंह क्यों फाड़ता है?
अभिनेता बोला-मैं खानदानी डांसर हूँ,उछलकूद नहीं छोड़ सकता,कुल की परम्परा नहीं तोड़ सकता।
मैनेजर ने कहा-इतना सब होने के बाद भी तुझे अंगद बनाया तो खड़ा-खड़ा रावण की सभा में काँपने लगा,पैर जमाने भेजा तो ढोलक की थाप पर नाचने लगा।
तुझे कुम्भकर्ण बनाया तो नगाड़े बजाकर जगाने के पूरे प्रबंध थे,पर अफ़सोस तू सोया ही नहीं खर्राटे भी बंद थे।
अभिनेता रोते हुए बोला-खर्राटे भरूँ कैसे……जब नींद ही आँखों से दूर है,नींद आती भी कैसे जब ज़िन्दगी ही ग़मों से चूर है।……बेटी ने कॉल किया था-किराए के लिए मकान मालिक बहुत लड़ा है,चार दिन से भैया बुखार में पड़ा है,दवाई के पैसे नहीं,कल लाईट भी कट गई है,मैं स्कूल नहीं जा रही हूँ,मेरी ड्रेस फट गई है।…तीन महीने की फीस बाकी है,रोज कहते हैं-जमा करो।…….पापा….. लो मम्मी से बात करो।……..मैं यहाँ कुंभकर्ण बनूं ना बनूं मेरे परिवार का तो कुम्भकर्ण से ही सामना हुआ है।….जिसकी वजह से पूरा परिवार दुःखी हो,वो तो वैसे ही कुम्भकर्ण बना हुआ है।………किसी दूसरे को ये रोल देदो।…… यूंभी कुम्भकर्ण,सुरसा या रावण का रोल करने वाले हजारों असली है, तो लाखों डमी है,इस संसार के रंगमंच पर तो केवल राम की कमी है।
इति।

1209 Total Views 3 Views Today

5 thoughts on “#Pratiyogita Kavita by Ashok Nagar

  • September 10, 2017 at 9:09 am
    Permalink

    अति सुंदर very very good

  • September 10, 2017 at 9:12 am
    Permalink

    Ashok ji nagar very good wrote

  • September 10, 2017 at 1:32 pm
    Permalink

    बहुत खुब छा गए,,दिलों को भा गए

  • September 10, 2017 at 2:58 pm
    Permalink

    Very very beautiful……..
    ……naman….

  • September 10, 2017 at 4:33 pm
    Permalink

    Very nice. Ashok Ji Nagar SB bahut hi achhi Kavita likhte hai

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.