24 thoughts on “Pratiyogita Kavita by Harish Soni

  1. मित्रों सादर नमन
    मित्रों कृपया मेरी कविता के बारे में अपनी राय प्रेषित करें। कुछ सुधार की आवश्यकता हो तो बताइये।

    समीक्षा का इंतजार रहेगा।
    हरीश सोनी ” पथिक”

  2. पथिकजी सावन पर बहुत ही सुंदर कविता लिखी है आपने
    बधाई।

  3. ‘पथिक’ जी दो महीने बाद भी सावन की याद दिला दी। बहुत सुंदर काव्य पंक्तियाँ लिखी है।

  4. सावन मे बारिश की बूंदे ,बचपन की याद ताजा कर दी ।बहुत ही शानदार कविता है जीवन के हर पहलु को छू कर दिल कॊ झकझोर कर दी ।बधाई बधाई बधाई

  5. न जाने हे कुओं आप की रचना को पढ़ कर चातक पक्षी की तरह जीवन की कठनाइयों , को माँ का अंचल सावन सा प्रतीत हो रहा है

  6. आदरणीय पथिकजी
    अब सावन गुजर चुका है, शीत ऋतु आने वाली है।
    कोई ऐसी रचना अवतरित करे की शीट ऋतु मे उसे पड़कर गर्मी का अहसास हो ।
    सुभकामनाओ सहित करे तैयारी ।।।।।।।

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