#Pratiyogita Kavita By Mohit Jagetiya

“राम को आना होगा”
पाप की लंका को जलाना होगा
कभी फिर से राम को आना होगा।
दुराचारी का हरण करना होगा
अब रावण को फिर से मरना होगा।
पहले एक रावण और सीता थी
उपदेश देने वाली कभी गीता थी
आज रावण तो हर गली घर में है
राम तो सिर्फ पत्थर पत्थर में है।
अब आतंकवाद को मिटाना होगा
भष्टाचार को अब हटाना होगा।
अब बुराई का अंत करना होगा
आज अच्छाई और चलना होगा।
देश से अंधकार मिटाना होगा
अब पाप का रावण जलाना होगा।
सब के लिए हनुमान बनना होगा
सच में सभी को इंसान बनना होगा
धरती से आकाश तक जगाना होगा
आज राम को गले लगाना होगा।
आज भरत को राज दिलाना होगा
हर सीता को आज बचाना होगा

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