#Shayari by Akash Khangar

मुझे मेरी हक़ की तन्हाई मिली

तुम्हे तुम्हारे हक़ की खुशियां

जो सच्चा था उसने सबने ठगा

वाह रे ऊपर वाले

क्या है तू

और क्या है तेरी दुनियां…

**

वक़्त सफाई पेश करने का मौका नही देता

इंसान खुद ही खुद का दुश्मन है

कोई और धोखा नही देता

तेरा दिल टूटता क्यों और तोड़ता कौन

जो तू इश्क़ को न्यौता नही देता…

 

 

281 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *