#Shayari by Ankit Bhadouria “AkS”

“वहम”

ღღ__ये भी हो सकता है मुझको, फिर से वहम हुआ हो “साहब”
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फिर भी पूछ लो ना दिल से, क्यूँ मुझे आवाज़ देता है!!…‪#‎अक्स‬
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