#Shayari by Saurabh Dubey Sahil

शायरी

काश आपके मुँह से निकला  हरएक अल्फाज वफा होता ,

दर्द जो मेरे सीने में हुआ वो आपने भी थोड़ा सहा होता,

हमें मारने के लिऐ झूठी कसमें खाने की जरूरत नही ,

हम ऐसे ही मर जाते गर जो आपने हँसकर कहा होता ।

~ सौरभ दुबे ” साहिल ”

किशनी मैनपुरी (यू.पी )

Leave a Reply

Your email address will not be published.