#Shayari by Er Anand Sagar Pandey

बर्फ की मानिंद जमना छोड़ दो,

मैं अभी कुछ देर जलना चाहता हूँ,

ऐ मेरे कदमों !न यों पत्थर बनो,

मैं अभी कांटों पे चलना चाहता हूँ !!

 

-अनन्य देवरिया

 

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