#Shayari by Ishq Sharma

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बादलो से किसी की याद ज़मी पे बह रही है।

हवा मद्धम से हौले से क्या जाने कह रही है।।

है फ़रमान किसी के इश्क़ का सरचढ़ के बोला आज।

इसिलये ये बदलियां गर्मियों में बढ़ रही हैं।।।।

मिले तो मिल इस तरह प्यार और ज्यादा हो जाये।

दरमियाँ नफ़रतें है जो वो घटकर आधा हो जाये।।

न माँगु आसमां के तारे न चाँदनी चाँद की।।।।।।।

मैं तेरा श्याम हो जाऊ तू मेरी राधा हो जाये।।।।

© इश्क़शर्मा

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