#Shayari by Jasveer Singh Haldhar

एक मतला दो शेर

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दुश्मनी किसको रास आई है !

रात जा कर भी रात आई है !

रोशनी गुम है आज घाटी से ,

आग फूलों ने खुद लगाई है !

कारवां उनका राह से भटका ,

राज घाटी ना जान पाई है !

क्या मिला बोलो सात दशकों में ,

रोज कांधे पै लाश आई है !

हलधर -9897346173

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