#Shayari by Jitendra Yadav

दुनियाँ नें रोज़ा रखा चाँद देखा खुशियाँ मनायी

ये आँख मुद्दत से प्यासी है यार के दीदार को।

 

साल गुज़र गया वो चाँद अब-तक दिखा नहीं

जो कहता था मिलते रहेंगें हम हर रविवार को।

 

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