#Shayari by Karan Sahar

वो हमें उलझी राहों में लगा कर

ख़ुद मंज़िल-ए-आसान ले गए,

जो हमें दोष देते थे आशिकी का

वो ख़ुद हमारी जान ले गए ।।

 

हमें अक्सर टोका करते हैं वो

कि हम मुस्कुराते बहुत कम हैं,

उन्हें कौन समझाए कि वो ख़ुद

हमारी ख़ुशी का सामान ले गए ।।

करन_सहर

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