#Shayari by Mukesh Kumar Rishi Verma

 

सिर्फ तुम्हारे लिए

———————

1- धडकता है दिल तुम्हारा

मेरे सीने में

कहो कैसे

समझाऊं इस नादान को

बस तुम्हारा ही नाम लेता है

मेरी कब सुनता है |

तुम इसे भाव नहीं देते

दिल ये बीमार सा रहता है |

 

2- तूने तो कह दिया

मुझे बेवफा

पर मैं बेवफा नहीं

आ के देख….

कर महसूस

तुम बसे हो मेरी सांसों में

कहो कैसे रोक दूं इन्हें

ये आती – जाती हैं

सिर्फ तुम्हारे लिए |

 

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

गॉव रिहावली, डाक तारौली गुर्जर, फतेहाबाद-आगरा

 

 

559 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.