#Shayari by Parul Singh

“रुक जाओ
संभल कर चलना
आगे इश्क़ बैठा है
टकरा गए उससे तो
खामखां मोहब्बत हो जाएगी।”
पारुल सिंह

“मैं कहु
तुम समझो
तुम कहो और मैं ना समझू
तभी तो शरारत का सिलसिला बरक़रार रहेगा।”
पारुल सिंह

125 Total Views 3 Views Today
Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *