#Shayari by Saurabh Dubey Sahil

हर एक पन्ना पूरी किताब नहीं होता ,

मुँह से निकले शब्दों का हिसाब नहीं होता,

यूँ तो ना जाने कितने लोग मिलते जिन्दगी में,

पर हर कोई आपसा आफताब  नही होता ।

 

~ सौरभ दुबे   ” साहिल ”

किशनी मैनपुरी  (यूपी )

63 Total Views 3 Views Today
Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *