#Shayari by Saurabh Dubey Sahil

~ शायरी  ~

जाने क्यों तू हर रोज,

मौसम की तरह बदल रही हैं,

तुझे पता भी है जिन्दगी,

आइसक्रीम की तरह पिघल रही है

 

~ सौरभ दुबे ” साहिल ”

 

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