#Shayari by Shailesh Inayat

माना कि मेरा मुकददर ही मेरी मंजिल है

पर तुझसे दूर रहना भी तो बडा मुश्किल है

अश्क छलक आये तुझे याद करके आंखो से

पत्धर सा शख्स हू पर सिने मे भी तो दिल है

 

शैलेश  ” इनायत ”

हास्य व्यंग कवि शायर

187 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.