#Shayari by Shashi Tiwari

जिंदगी थी तेरी पनाहों में,

ज़ख्म थे इश्क़ की राहों में,

प्यार मेरा गर कबूल ना था,

क्यू सपने दिखाये अपने बाहों मे।

 

शशि

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